रिटायरमेंट की असली योजना बनाएँ। काम छोड़ने से पहले और बाद की अलग रिटर्न दरें रखें, EPF और PPF जोड़ें, और देखें कि पैसा किस उम्र तक चलेगा।
दो अलग रिटर्न दरें क्यों पूछी गई हैं?
क्योंकि 35 की उम्र में जो निवेश ठीक है वह 70 की उम्र में ठीक नहीं रहता। काम के दौरान पैसा इक्विटी में रह सकता है। रिटायरमेंट के बाद वही पैसा ख़र्च उठाता है, इसलिए उसका बड़ा हिस्सा डेट, FD और SCSS जैसी कम रिटर्न वाली जगहों में जाता है। दोनों चरणों में एक ही दर मानना सबसे आम ग़लती है।
पैसा किस उम्र पर ख़त्म होगा, यह कॉर्पस से ज़्यादा अहम क्यों है?
यह वह उम्र है जिस पर आपकी बचत ख़त्म हो जाती है। कॉर्पस एक अमूर्त आँकड़ा है, और जो योजना 15% कम पड़ती है वह चार्ट पर 15% ग़लत नहीं दिखती। वह 85 नहीं, 77 तक चलने जैसी दिखती है। जब उम्र दिखती है, तभी असली चुनाव साफ़ होता है: SIP बढ़ाइए, ख़र्च घटाइए, ज़्यादा साल काम कीजिए, या ज़्यादा जोख़िम लीजिए। यह पेज उसे साल-दर-साल कॉर्पस घटाकर निकालता है, किसी अंगूठा-नियम से नहीं।
4% नियम क्यों नहीं इस्तेमाल किया गया?
4% नियम अमेरिकी अध्ययन, अमेरिकी पोर्टफ़ोलियो और अमेरिकी महँगाई पर आधारित है। यह तभी समझ आता है जब कॉर्पस की असली बढ़त 4% के आसपास हो। भारतीय रिटायर व्यक्ति अगर 7% रिटर्न और 6% महँगाई वाले डेट पर बैठा है तो उसकी असली बढ़त 1% के करीब है। ऐसी हालत में 4% निकालना खाते को ख़ाली कर देता है। इसलिए यह पेज सीधे वर्ष-दर-वर्ष निकासी का हिसाब करता है।
रिटायरमेंट पर कौन से ख़र्च सचमुच रुकते हैं?
आना-जाना, काम के कपड़े, कई बार होम लोन EMI, बच्चों की पढ़ाई और अक्सर टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम। जो बढ़ते हैं वे हैं स्वास्थ्य ख़र्च, यात्रा और घर में मदद का ख़र्च। ज़्यादातर लोगों का ख़र्च 10% से 20% तक घटता है, आधा नहीं होता।
क्या 85 तक योजना बनाना सचमुच ज़रूरी है?
कम से कम 85 तक, और परिवार लंबी उम्र वाला हो तो 90 तक। जन्म के समय की औसत आयु योजना बनाने के लिए सही आँकड़ा नहीं है। 82 तक की योजना बनाकर 84 तक जी लेना छोटा अंतर नहीं है।
स्वास्थ्य ख़र्च की महँगाई अलग क्यों रखी गई है?
क्योंकि भारत में चिकित्सा ख़र्च कई सालों से सामान्य महँगाई से तेज़ बढ़े हैं, और उम्र बढ़ने के साथ यही ख़र्च बढ़ता भी है। अस्पताल का बिल और राशन एक जैसी दर से नहीं बढ़ते, और दोनों को औसत करके एक ही आँकड़ा बना देना उस ख़तरे को छिपा देता है, जो उन्हीं सालों में आता है जब आप उसे सबसे कम उठा सकते हैं।
क्या यह EPF और NPS को गिनता है?
हाँ। उनके बैलेंस आपके मौजूदा कॉर्पस में जोड़ता है, और उनसे आपकी बचत का स्वभाव भी समझता है। अगर बचत का बड़ा हिस्सा EPF, PPF और FD में है, तो यह पेज चेतावनी देता है कि आपकी वास्तविक रिटर्न 8% के करीब हो सकती है, 12% के नहीं।
अगर नतीजा डराने वाला लगे तो क्या करूँ?
एक बार में एक ही चीज़ बदलें और देखें कि पैसा किस उम्र तक जाता है। SIP में सालाना बढ़त अक्सर सबसे सस्ता सुधार है। दो साल ज़्यादा काम करना कई बार 2% ज़्यादा रिटर्न से भी बेहतर असर देता है, क्योंकि एक साथ बचत का एक साल बढ़ता है और ख़र्च का एक साल घटता है।