चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर

सालाना, छमाही, तिमाही, मासिक या रोज़ाना - किसी भी अवधि पर चक्रवृद्धि ब्याज निकालें। अंतिम रकम देखें, और यह भी कि साधारण ब्याज से कितना ज़्यादा मिला।

साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज में फ़र्क़ क्या है?

साधारण ब्याज सिर्फ़ शुरुआती रकम पर लगता है। चक्रवृद्धि ब्याज हर अवधि का ब्याज बकाया में जोड़ देता है, इसलिए अगली अवधि बड़ी रकम पर कमाती है। ₹1,00,000 पर 10% की दर से 5 साल में यह फ़र्क़ ₹11,051 का होता है।

क्या बार-बार ब्याज जुड़ने से सच में ज़्यादा मिलता है?

मिलता है, पर उतना नहीं जितना लोग सोचते हैं। ₹1,00,000 पर 10% की दर से 5 साल में सालाना चक्रवृद्धि ₹61,051 देती है, तिमाही ₹63,862, मासिक ₹64,531 और रोज़ाना ₹64,861। सालाना से तिमाही पर जाने का फ़ायदा मासिक से रोज़ाना पर जाने से कहीं ज़्यादा है।

असरदार सालाना दर क्या होती है?

यह वह अकेली सालाना दर है जो वही नतीजा देती है। तिमाही चक्रवृद्धि पर 10% की असरदार दर 10.38% बैठती है। जब दो स्कीमें अलग-अलग अवधि पर ब्याज जोड़ती हों, तो बताई गई दर नहीं, असरदार दर मिलाकर देखें।

पैसा दोगुना होने में कितना समय लगता है?

मोटे अंदाज़े के लिए 72 को दर से भाग दें। 8% पर यह 9 साल बनता है। 72 का यह नियम 6% से 15% के बीच काफ़ी करीब रहता है, और मन ही मन लगाया जा सकता है।

भारत में कौन सी स्कीमों में तिमाही चक्रवृद्धि होती है?

बैंक की FD, RD और PPF - तीनों में ब्याज तय अंतराल पर जुड़ता है, रोज़ाना नहीं। ज़्यादातर बैंक FD और RD पर तिमाही चक्रवृद्धि लगाते हैं। बचत खाते का ब्याज रोज़ गिना जाता है पर तिमाही में जमा होता है।

क्या लोन पर चक्रवृद्धि ब्याज नुक़सान करता है?

हाँ, और बहुत। क्रेडिट कार्ड पर ब्याज हर महीने जुड़ता है और सालाना दर 36% से 42% के आसपास बैठती है। ₹50,000 अगर साल भर 3.5% मासिक पर बकाया रहे तो करीब ₹75,000 हो जाता है। मिनिमम ड्यू नहीं, पूरा बिल चुकाएँ।