देखें कि 60 की उम्र तक NPS में कितना कॉर्पस बन सकता है, उसमें से कितना हिस्सा एन्युटी में जाना होगा, कितना लंप सम मिलेगा, और उससे लगभग कितनी मासिक पेंशन बन सकती है।
कॉर्पस का हिस्सा एन्युटी में देना क्यों ज़रूरी है?
क्योंकि NPS का मकसद सिर्फ़ 60 पर नक़द देना नहीं, उम्र भर की पेंशन बनाना है। इसी वजह से नियम कम से कम 40% कॉर्पस एन्युटी में भेजते हैं। अगर चाहें तो इससे ज़्यादा भी डाल सकते हैं।
अगर मेरा कॉर्पस छोटा हुआ तो?
सामान्य एग्ज़िट पर ₹5,00,000 या उससे कम कॉर्पस पूरा निकाला जा सकता है और एन्युटी ज़रूरी नहीं रहती। 60 से पहले एग्ज़िट पर यह सीमा ₹2,50,000 है और वरना कम से कम 80% एन्युटी में जाएगा।
रिटर्न कितना मानना चाहिए?
वही जो आप बचाव कर सकें। NPS फ़ंड इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों का मिश्रण रखते हैं, इसलिए आपका एसेट मिक्स ही जवाब बदलता है। 8%, 10% और 12% पर चलाकर देखें। इनके बीच का फैलाव ही ईमानदार उत्तर है।
क्या पेंशन पर टैक्स लगेगा?
हाँ। एन्युटी से मिलने वाली आय उसी साल आपकी टैक्सेबल आय मानी जाती है। बाहर निकलते समय मिलने वाली एकमुश्त रकम पर अधिनियम की तय सीमाओं के भीतर छूट है। टैक्स की योजना पेंशन पर बनाइए, कॉर्पस पर नहीं।
क्या NPS अभी टैक्स बचाता है?
पुरानी व्यवस्था में धारा 80CCD(1B) के तहत 80C की सीमा के ऊपर ₹50,000 की अतिरिक्त छूट मिल सकती है। नियोक्ता का 80CCD(2) योगदान दोनों व्यवस्थाओं में काम आता है। कितना डालना है, यह तय करने से पहले अपने टैक्स का हिसाब दोनों तरह से देख लें।
क्या 60 से पहले बाहर निकल सकते हैं?
हाँ, लेकिन शर्तें कठोर हो जाती हैं। जल्दी एग्ज़िट पर कम से कम 80% कॉर्पस एन्युटी में जाना होता है और केवल 20% नक़द लिया जा सकता है। यही जल्दी निकासी की क़ीमत है।