छुट्टी नक़दीकरण कैलकुलेटर

छुट्टी नक़दीकरण की रकम में से कितना टैक्स-फ़्री है और कितना टैक्सेबल, सही नियमों के साथ निकालें। ग़ैर-सरकारी कर्मचारियों का चार-तरफ़ा न्यूनतम और ₹25 लाख की जीवनकाल सीमा भी।

नौकरी के दौरान मिला छुट्टी नक़दीकरण पूरी तरह टैक्सेबल क्यों है?

क्योंकि धारा 10(10एए) वाली छूट रिटायरमेंट के मामले के लिए है। नौकरी के बीच मिला नक़दीकरण उस रास्ते में आता ही नहीं, इसलिए पूरी रकम सैलरी की तरह टैक्सेबल होती है।

इस हिसाब में औसत वेतन में क्या-क्या गिना जाता है?

पिछले दस महीनों का औसत बेसिक वेतन, वह DA जो रिटायरमेंट लाभों में शामिल हो, और टर्नओवर के निश्चित प्रतिशत पर मिलने वाला कमीशन। बाक़ी भत्ते औसत वेतन में नहीं आते।

पहले ली गई छुट्टी नक़दीकरण छूट क्यों पूछी जाती है?

क्योंकि ग़ैर-सरकारी कर्मचारी के लिए ₹25,00,000 की सीमा पूरे जीवन की कुल सीमा है। अगर पहले किसी नियोक्ता के साथ उसका हिस्सा इस्तेमाल हो चुका है, तो आज वही घटा हुआ शेष भाग काम आएगा।

छुट्टी को 30 दिन प्रति वर्ष पर क्यों रोका जाता है?

क्योंकि ग़ैर-सरकारी छूट का नियम अर्जित छुट्टी की गिनती प्रति पूरे सेवा वर्ष 30 दिन तक ही मानता है। नियोक्ता अपनी नीति से ज़्यादा नक़द दे सकता है, लेकिन छूट की सीमा उस नीति से नहीं बढ़ती।

क्या सरकारी कर्मचारी के लिए हमेशा पूरी छूट है?

रिटायरमेंट पर हाँ, धारा 10(10एए)(i) के तहत। लेकिन नौकरी के दौरान मिला छुट्टी नक़दीकरण अलग मामला है और टैक्सेबल रहता है।