HRA कैलकुलेटर

देखें कि आपकी HRA में से कितना हिस्सा टैक्स से बचता है। नियम 2A की तीनों शर्तें, मेट्रो और ग़ैर-मेट्रो की सीमा, और टैक्स लगने वाला हिस्सा, सब शामिल।

किन शहरों को मेट्रो माना जाता है?

सिर्फ़ चार - मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम नहीं, चाहे किराया कितना भी ऊँचा क्यों न हो। नियम में यही चार नाम लिखे हैं।

क्या नई टैक्स व्यवस्था में HRA की छूट मिलती है?

नहीं। यह उन छूटों में से एक है जिन्हें नई व्यवस्था बड़े स्लैब और बड़ी मानक कटौती के बदले छोड़ देती है। अगर आपकी HRA छूट बड़ी है, तो फ़ैसला लेने से पहले दोनों व्यवस्थाओं का हिसाब देख लें।

क्या मैं अपने माता-पिता को किराया देकर HRA ले सकता हूँ?

हाँ, अगर व्यवस्था असली हो। घर उनके नाम होना ज़रूरी है, किराया सचमुच जाना ज़रूरी है, और उन्हें वह किराया अपनी आय में दिखाना ज़रूरी है। बैंक ट्रांसफ़र और किरायानामा बचाकर रखिए। पूछताछ में काग़ज़ी सबूत ही टिकता है।

क्या मकान मालिक का PAN ज़रूरी है?

किराया एक सीमा से ऊपर हो तो हाँ, और यही सबसे आम इनकार है: PAN के बिना पेरोल आपका हिसाब चाहे कितना भी सही हो, स्रोत पर छूट रोक सकता है, और फिर दावा आयकर रिटर्न में करना पड़ता है। यह पन्ना उस शर्त का नाम लेता है और सीमा का कोई आँकड़ा नहीं बताता, क्योंकि वह एक CBDT परिपत्र से तय होती है जो यहाँ से पढ़ा नहीं जा सका। वह आँकड़ा आपके नियोक्ता के अपने किराया घोषणा फ़ॉर्म पर छपा होता है, और वैसे भी आपको उसी पर काम करना है।

अगर साल के बीच शहर बदला या नौकरी बदली तो?

हर अवधि का हिसाब अलग निकालिए और फिर जोड़िए। नियम महीने-दर-महीने चलता है, इसलिए आधा साल चेन्नई में 50% और आधा साल कोयंबटूर में 40% की सीमा के साथ चलता है। यह एक औसत नहीं, दो अलग गणनाएँ हैं।

क्या पूरी सैलरी इस फ़ॉर्मूले में गिनी जाती है?

नहीं। सिर्फ़ बेसिक वेतन, वह DA जो रिटायरमेंट लाभों में गिना जाता है, और टर्नओवर के प्रतिशत पर तय कमीशन। बोनस, दूसरे भत्ते और परक्विज़िट बाहर रहते हैं।