पर्सनल लोन की EMI निकालें और देखें कि ब्याज जोड़ने के बाद असली ख़र्च कितना बैठता है। कोई ऑफ़र मानने से पहले अलग-अलग अवधि और दरें मिलाकर देखें।
पर्सनल लोन की दर होम लोन से इतनी ज़्यादा क्यों होती है?
बैंक के पास वापस लेने को कुछ नहीं होता। होम लोन में घर गिरवी रहता है, इसलिए बैंक 8% से 9% पर मान जाता है। पर्सनल लोन बिना गिरवी का है, इसलिए दरें आम तौर पर 11% से 24% तक रहती हैं और आपके क्रेडिट स्कोर तथा नौकरी पर बहुत निर्भर करती हैं।
प्रोसेसिंग फ़ीस असली दर पर कितना असर डालती है?
सोच से ज़्यादा, क्योंकि फ़ीस आप शुरू में एक बार देते हैं जबकि उधार सालों तक चलता है। 14% पर 3 साल के लोन में 2% फ़ीस असरदार सालाना दर को करीब 15.4% पर पहुँचा देती है। ऑफ़र की तुलना बताई गई दर से नहीं, कुल भुगतान और फ़ीस मिलाकर करें।
क्या पर्सनल लोन समय से पहले बंद किया जा सकता है?
आम तौर पर हाँ, छह से बारह EMI के लॉक-इन के बाद, लेकिन चार्ज लगेगा। पर्सनल लोन फ़िक्स्ड दर के होते हैं, और फोरक्लोज़र चार्ज पर RBI की रोक सिर्फ़ व्यक्तियों के फ़्लोटिंग दर वाले लोन पर लागू है। बैंक आम तौर पर बचे मूलधन का 2% से 5% लेते हैं।
क्या लंबी अवधि लेने से फ़ायदा होता है?
EMI घटती है और ख़र्च तेज़ी से बढ़ता है। ऊपर वाला ₹3,00,000 का लोन 3 साल में ₹69,118 ब्याज लेता है और 5 साल में ₹1,18,829। ऊँची दर वाले लोन में हर अतिरिक्त साल महँगा पड़ता है - जितनी छोटी अवधि आप चुका सकते हैं, उतनी लें।
कितना क्रेडिट स्कोर चाहिए?
ज़्यादातर बैंक अपनी सबसे अच्छी दर के लिए 750 या उससे ऊपर चाहते हैं। 700 से 750 के बीच आम तौर पर मंज़ूरी ज़्यादा दर पर मिलती है। 650 से नीचे मना हो सकता है या 20% से ऊपर लेने वाली NBFC की तरफ़ भेजा जा सकता है। आवेदन से पहले स्कोर देख लें, क्योंकि हर आवेदन एक हार्ड इन्क्वायरी छोड़ता है।
क्या पर्सनल लोन से सस्ता कोई रास्ता है?
अक्सर हाँ। FD, सोने, म्यूचुअल फ़ंड या बीमा पॉलिसी पर लिया लोन गिरवी वाला होता है, इसलिए कहीं सस्ता पड़ता है - आम तौर पर FD दर से 1% से 2% ऊपर। चल रहे होम लोन पर टॉप-अप उससे भी सस्ता है। पर्सनल लोन तब लें जब गिरवी रखने को कुछ न हो।