SIP कैलकुलेटर

हर महीने की SIP कितनी बढ़ेगी, यहाँ देखें। मासिक रकम, अनुमानित रिटर्न और सालों की संख्या भरें - मैच्योरिटी पर रकम, कुल मुनाफ़ा और साल दर साल की तालिका मिलेगी।

क्या 12% रिटर्न पक्का है?

नहीं। इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड में कोई रिटर्न तय नहीं होता। भारतीय इक्विटी सूचकांकों ने लंबे समय में लगभग 11% से 13% सालाना दिया है, पर कोई एक साल गहरा नकारात्मक भी हो सकता है। 10% और 14% पर भी चलाकर देखें कि दायरा कितना है।

स्टेप-अप का क्या मतलब है?

यह हर साल आपकी किस्त को उतने प्रतिशत बढ़ा देता है। ₹10,000 से शुरू करके 10% स्टेप-अप रखें तो दूसरे साल ₹11,000 और तीसरे साल ₹12,100 हो जाती है। नौकरी में हर साल इंक्रीमेंट मिलता है, इसलिए स्टेप-अप SIP असल ज़िंदगी के ज़्यादा करीब है।

SIP return kaise nikale - मेरा स्टेटमेंट अलग क्यों दिखता है?

असली फ़ंड हर महीने अलग दर से बढ़ता है, एक जैसी दर से नहीं। आपकी SIP तारीख़ का NAV, एग्ज़िट लोड और ख़र्च अनुपात - सब आख़िरी रकम बदलते हैं। यह कैलकुलेटर नतीजे का आकार बताता है, पैसे-पैसे का हिसाब नहीं।

हर महीने डालें या एकमुश्त लगाएँ?

नौकरीपेशा हैं तो हर महीने। ज़्यादातर नौकरीपेशा लोगों के पास महीने की नक़दी होती है, एकमुश्त रकम नहीं, और इससे उनके लिए सवाल अपने आप हल हो जाता है। SIP आपकी ख़रीद को ऊँचे और नीचे दोनों भावों पर भी फैला देती है, इसलिए ग़लत समय पर घुसने की चोट कम लगती है। एकमुश्त तब जीतती है जब निवेश के बाद बाज़ार लगातार चढ़े।

बीच में SIP रोक दें तो क्या होगा?

जो यूनिट आप ख़रीद चुके हैं वे लगी रहती हैं और बढ़ती रहती हैं। सिर्फ़ नई किस्तें रुकती हैं। यहाँ अवधि में उतने ही साल भरें जितने आपने सच में भरे, तो पता चल जाएगा कि आप कहाँ पहुँचेंगे।

मैच्योरिटी की रकम पर टैक्स लगता है क्या?

हाँ, मुनाफ़े पर, और हर किस्त अलग ख़रीद मानी जाती है जिसकी अपनी होल्डिंग अवधि होती है। इक्विटी फ़ंड का एक साल से ज़्यादा रखा मुनाफ़ा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहलाता है। भुनाने से पहले मौजूदा दरें और छूट की सीमा देख लें।