भारतीय इक्विटी ट्रेड की पूरी लागत निकालें। ब्रोकरेज, STT, एक्सचेंज चार्ज, प्रतिभूति नियामक फ़ीस, स्टांप ड्यूटी, GST, डिमैट निकासी शुल्क और ब्रेक-ईवन क़ीमत, सब साथ।
STT मेरे ब्रोकरेज से इतना बड़ा क्यों है?
क्योंकि शून्य ब्रोकरेज एक व्यापारिक फ़ैसला है और STT क़ानून है। डिलिवरी ट्रेड में STT ख़रीद और बिक्री दोनों पर 0.1% लगता है। ₹1,00,000 के चक्कर पर यह ₹200 बैठता है, चाहे आपका ब्रोकरेज शून्य हो।
स्टांप ड्यूटी सिर्फ़ ख़रीद पर ही क्यों दिखती है?
भारतीय स्टांप क़ानून उस हस्तांतरण पर चार्ज लगाता है जो ख़रीदार के पक्ष में होता है। 1 जुलाई 2020 से इसकी दर पूरे देश में एक जैसी है - डिलिवरी पर 0.015%, इंट्राडे और ऑप्शन पर 0.003%, और फ्यूचर्स पर 0.002%। विक्रेता इसे नहीं देता।
डिमैट निकासी शुल्क क्या है और यह फ्लैट क्यों है?
यह वह शुल्क है जो डिपॉजिटरी और आपका ब्रोकर डिलिवरी बेचने पर शेयर डिमैट खाते से बाहर निकालने के लिए लेते हैं। यह प्रति स्क्रिप प्रति दिन होता है, प्रति शेयर नहीं। इसलिए छोटी डिलिवरी बिक्री प्रतिशत में महँगी लगती है।
क्या GST पूरे ट्रेड मूल्य पर लगता है?
नहीं। GST ब्रोकरेज, एक्सचेंज लेन-देन चार्ज, नियामक फ़ीस और डिमैट निकासी शुल्क पर 18% है। यह टर्नओवर पर कभी नहीं लगता, और STT या स्टांप ड्यूटी पर भी नहीं, क्योंकि कर कोई सेवा नहीं है।
ऑप्शन ट्रेड में क्या बदलता है?
हर लाइन नॉशनल वैल्यू पर नहीं, प्रीमियम पर लगती है। ₹1,05,000 प्रीमियम वाले ऑप्शन बेचें तो STT उसी प्रीमियम पर 0.15% है। ऑप्शन एक्सरसाइज़ होने पर ख़रीदार के लिए STT 0.15% भीतर की वैल्यू पर लगता है, और वह अलग घटना बन जाती है।
क्या ये दरें बदलती रहती हैं?
हाँ, और अक्सर। 1 अप्रैल 2026 से फ्यूचर्स STT 0.05% और ऑप्शन STT 0.15% हुआ, और एक्सचेंज लेन-देन चार्ज परिपत्र से बदलते रहते हैं। अपने कॉन्ट्रैक्ट नोट से मिलाना हमेशा अच्छा है।
मेरे कॉन्ट्रैक्ट नोट में कुछ पैसे का फ़र्क़ क्यों आता है?
क्योंकि ब्रोकर हर लाइन को पैसे तक गोल करके जोड़ता है, जबकि यह पेज हर लाइन को पूरी सटीकता पर रखकर सिर्फ़ दिखाने वाली संख्या गोल करता है। कुछ पैसे का फ़र्क़ सामान्य है। पूरा रुपया ग़ायब हो तो कॉल-एंड-ट्रेड फ़ीस, ऑटो स्क्वेयर-ऑफ़ चार्ज, या करोड़ पर एक पैसे वाली IPFT लेवी ढूँढ़िए।