अपने CAS या फ़ंड हाउस स्टेटमेंट की एक ख़रीद पंक्ति जाँचिए। देखिए कि आपकी यूनिट किस NAV की ओर इशारा करती हैं, कितने रुपये यूनिट नहीं बने, और देर से मिले NAV की क़ीमत क्या रही।