दो लक्ष्य, एक सैलरी

एक ही आमदनी पर दो बचत लक्ष्यों का आकार तय कीजिए, उस किस्त को गिनते हुए जो पास वाला लक्ष्य पूरा होने पर ख़ाली हो जाती है, और साफ़ देखिए कि योजना निभ भी सकती है या नहीं।