अपना लक्ष्य और तारीख़ बताइए। वहाँ तक पहुँचाने वाली मासिक SIP पाइए, या यह जानिए कि कितना रिटर्न चाहिए, या जितनी किस्त आप दे सकते हैं उसमें कितना समय लगेगा।
1 करोड़ के लिए कितनी SIP चाहिए?
यह लगभग पूरी तरह इस पर निर्भर है कि आप कितना समय देते हैं। सालाना 12% पर 1 करोड़ के लिए 15 साल में करीब ₹21,011 महीना चाहिए, 20 साल में ₹10,871 और 25 साल में ₹5,875। दस साल ज़्यादा देने से किस्त करीब तीन-चौथाई घट जाती है।
रिटर्न कितना मानकर चलूँ?
10 साल या उससे लंबे समय के लिए रखे इक्विटी फ़ंड पर 11% से 12% संभली हुई मान्यता है। मिले-जुले पोर्टफ़ोलियो के लिए 9% से 10%। डेट फ़ंड या FD के लिए 6% से 7%। 15% मानकर उम्मीद लगाना ही वह तरीक़ा है जिससे लक्ष्य छूटते हैं।
जो किस्त दिख रही है वह मैं दे नहीं सकता तो?
ऊपर मोड बदल दीजिए। जितना आप सचमुच दे सकते हैं वह भरिए और पूछिए कि कितना समय लगेगा, या कितना रिटर्न चाहिए होगा। यह देख लेना कि जवाब 15 नहीं 22 साल है, या 19% का कोरा सपना है, उस आँकड़े से ज़्यादा काम का है जो आप कभी चुकाएँगे ही नहीं। यह फ़र्क़ पाटने का सबसे सस्ता तरीक़ा आम तौर पर सालाना स्टेप-अप है।
स्टेप-अप किस्त पर क्या असर डालता है?
शुरुआती आँकड़े को तेज़ी से घटा देता है। 12% पर 15 साल में ₹1 करोड़ के लिए सपाट SIP ₹21,011 महीना बैठती है। इसे सालाना 10% बढ़ाइए तो शुरुआत ₹12,085 से होती है और आख़िरी साल ₹45,893 पर ख़त्म। ज़्यादातर लोगों को हर साल बढ़ोतरी मिलती है, इसलिए स्टेप-अप असल ज़िंदगी से सपाट योजना के मुक़ाबले ज़्यादा मेल खाता है।
क्या पहले से जमा पैसा गिनना चाहिए?
हाँ, पर सिर्फ़ वही पैसा जो इसी लक्ष्य के लिए अलग रखा है। आपका इमरजेंसी फ़ंड इसका हिस्सा नहीं है। कैलकुलेटर आपके भरे हुए पैसे को उसी रिटर्न पर बढ़ाकर लक्ष्य में से घटा देता है, जिससे ज़रूरी SIP कम हो जाती है।
क्या लक्ष्य आज के रुपयों में भरना चाहिए?
नहीं। जिस दिन ज़रूरत है उस दिन लक्ष्य जितने का पड़ेगा, वही भरिए। आज ₹20 लाख वाली कॉलेज फ़ीस 6% महँगाई पर 12 साल में ₹40 लाख के करीब पहुँच जाती है। पहले उसे महँगाई कैलकुलेटर से निकालिए, फिर वही आँकड़ा यहाँ लाइए।
रिटर्न कम पड़ गया तो?
हर साल योजना दोबारा देखिए। रकम पीछे चल रही हो तो SIP बढ़ाइए या तारीख़ आगे खिसकाइए। शुरू में की गई छोटी सुधार बिना तकलीफ़ के हो जाती है। आख़िरी दो साल में की गई नहीं।