वित्त वर्ष 2025-26 का अपना इनकम टैक्स दोनों व्यवस्थाओं में अगल-बगल निकालिए। मानक कटौती, धारा 87A की रिबेट, सीमांत राहत, सरचार्ज और 4% सेस सब शामिल।
मुझे कौन सी व्यवस्था चुननी चाहिए?
जो भी सस्ती पड़े। नई व्यवस्था में स्लैब चौड़े हैं, ₹75,000 की मानक कटौती है, और एक रिबेट है जो ₹12 लाख आय तक टैक्स साफ़ कर देती है, पर वह और लगभग कोई कटौती नहीं देती। पुरानी व्यवस्था टैक्स ज़्यादा लेती है पर 80C, 80D, HRA और होम लोन का ब्याज घटाने देती है। ऊपर अपनी असली कटौतियाँ भरिए और कैलकुलेटर जीतने वाली बता देगा।
मैं ₹12.75 लाख कमाता हूँ। क्या मेरा टैक्स सचमुच शून्य है?
हाँ, अगर वह सैलरी है और आप निवासी हैं। ₹75,000 की मानक कटौती करयोग्य आय ₹12,00,000 पर ले आती है, उस पर स्लैब टैक्स ₹60,000 बनता है, और धारा 87A की रिबेट ठीक ₹60,000 मिटा देती है। एक रुपया और कमाइए तो रिबेट रुक जाती है, हालाँकि सीमांत राहत अतिरिक्त टैक्स को अतिरिक्त आय तक ही सीमित रखती है।
सीमांत राहत क्या है?
यह आय में छोटी बढ़त को टैक्स में बड़ी बढ़त बनने से रोकती है। यहाँ इसके दो रूप हैं। नई व्यवस्था में ₹12 लाख के ऊपर, धारा 87A की राहत आपके टैक्स को उस आय तक सीमित कर देती है जो आपने ₹12 लाख के ऊपर कमाई। हर सरचार्ज सीमा पर - ₹50 लाख, ₹1 करोड़, ₹2 करोड़, ₹5 करोड़ - राहत अतिरिक्त टैक्स को अतिरिक्त आय तक सीमित रखती है। यह कैलकुलेटर दोनों लगाता है।
80D में स्वास्थ्य बीमा पर कितना दावा कर सकता हूँ?
एक नहीं, दो सीमाएँ। आपके, आपके जीवनसाथी और आपके बच्चों के कवर की अपनी सीमा ₹25,000 है, जो आपके या आपके जीवनसाथी के 60 पार करते ही ₹50,000 हो जाती है। माता-पिता के कवर की उसी पैमाने पर एक दूसरी सीमा है। तो 60 से कम उम्र का कोई व्यक्ति, जो वरिष्ठ माता-पिता का बीमा कराता है, ₹25,000 और ₹50,000, यानी कुल ₹75,000 का दावा कर सकता है। ऊपर दोनों रकमें अलग-अलग भरिए।
क्या कैलकुलेटर पूंजीगत लाभ संभालता है?
अभी नहीं। यह स्लैब दरों पर लगने वाली आय संभालता है - सैलरी, पेंशन, ब्याज और किराया। धारा 111A, 112 और 112A के पूंजीगत लाभ अपनी अलग दरों पर टैक्स में आते हैं और नई व्यवस्था की रिबेट उन्हें मिटा नहीं सकती, इसलिए उन्हें यहाँ मोटे तौर पर जोड़ने के बजाय अपने अलग कैलकुलेटर की ज़रूरत है।
क्या वरिष्ठ नागरिकों के साथ अलग बर्ताव होता है?
पुरानी व्यवस्था में, हाँ। 60 से 79 का निवासी पहले ₹3,00,000 पर कुछ नहीं देता, और 80 या उससे ऊपर का निवासी पहले ₹5,00,000 पर। नई व्यवस्था हर उम्र पर वही स्लैब लेती है। अनिवासी को दोनों में से किसी व्यवस्था में उम्र का लाभ नहीं मिलता।
आख़िरी आँकड़ा गोल क्यों किया जाता है?
आयकर अधिनियम की धारा 288B देय टैक्स को नज़दीकी ₹10 तक गोल करती है। ₹10 का जो हिस्सा ₹5 या उससे ज़्यादा हो वह ऊपर जाता है और उससे कम गिरा दिया जाता है। धारा 288A स्लैब पढ़े जाने से पहले आपकी कुल आय के साथ यही करती है। हम गोल करने से पहले वाला ठीक आँकड़ा भी दिखाते हैं ताकि आप हर कदम देख सकें।