अपनी एडवांस टैक्स की चार किस्तें निकालिए, हर तारीख़ पर कितना कम पड़ा वह देखिए, और धारा 234B तथा 234C का ब्याज, दोनों माफ़ी की सीमाओं समेत।
क्या सैलरी वाले लोग एडवांस टैक्स भरते हैं?
आम तौर पर नहीं, क्योंकि नियोक्ता हर महीने TDS काट लेता है और वही एडवांस टैक्स का काम कर देता है। पर सैलरी के साथ किराया, ब्याज, पूंजीगत लाभ या फ़्रीलांस की आमदनी भी हो, तो उस पर बनने वाला टैक्स आपको ख़ुद इन्हीं तारीख़ों पर भरना पड़ता है।
मेरी आमदनी ऊपर-नीचे होती रहे तो?
हर तारीख़ पर ईमानदारी से अंदाज़ा लगाइए और उसी पर भरिए। धारा 234C वहाँ ब्याज नहीं लेती जहाँ कमी पूंजीगत लाभ, लॉटरी की जीत, या ऐसे नए कारोबार से आई हो जिसका पहले से अंदाज़ा लगाया ही नहीं जा सकता था - बशर्ते आप वह टैक्स अगली किस्त में या 31 मार्च तक भर दें।
234B और 234C में क्या फ़र्क़ है?
धारा 234C साल के भीतर की समय-सारणी की बात है: आपने कुल सही भरा, पर साल में बहुत देर से। धारा 234B कुल रकम की बात है: आप साल के अंत तक वह 90% भर ही नहीं पाए जितना आप पर बनता था। दोनों एक साथ भी लग सकती हैं, और दोनों अलग-अलग लगती हैं।
क्या 31 मार्च बहुत देर है?
किस्त के लिहाज़ से हाँ - चौथी किस्त 15 मार्च को देय होती है। पर 31 मार्च तक भरा गया कुछ भी अब भी एडवांस टैक्स ही गिना जाता है, स्व-निर्धारण टैक्स नहीं, और इससे धारा 234B कितनी दूर तक चलेगी वह सीमित हो जाता है।
मैं धारा 44AD के तहत कारोबार चलाता हूँ तो?
तब आप एक ही बार भरते हैं, पूरा 15 मार्च तक। ऊपर अनुमानित वाला बटन लगा दीजिए। धारा 44ADA के तहत आने वाले पेशेवरों पर भी यही नियम लगता है।
क्या वरिष्ठ नागरिकों को छूट है?
60 या उससे ऊपर का निवासी, जिसकी कोई कारोबारी या पेशेवर आमदनी न हो, उसे एडवांस टैक्स भरना ही नहीं पड़ता। सिर्फ़ ब्याज से होने वाली आमदनी उससे यह छूट नहीं छीनती।