ईंधन ख़र्च कैलकुलेटर

निकलने से पहले जान लीजिए कि सफ़र में ईंधन का कितना ख़र्च आएगा। दूरी, अपना माइलेज और पंप का भाव भरिए। आने-जाने का सफ़र, किलो के हिसाब से CNG और ख़र्च बाँटना, सब चलता है।

माइलेज में क्या भरूँ?

वही जो आपको सचमुच मिलता है, अपनी भरवाई से निकालकर: जितने किलोमीटर चले उन्हें टंकी भरवाने में लगे लीटर से भाग दे दीजिए। शहर की भीड़ और एसी जोड़ लें तो असली माइलेज आम तौर पर बताए हुए आँकड़े से 15% से 30% नीचे रहता है।

क्या यह CNG पर भी चलता है?

हाँ। यूनिट बदलकर किलोग्राम कर दीजिए और अपना किमी प्रति किलो तथा प्रति किलो भाव भरिए। गणित बिलकुल वही रहता है, सिर्फ़ यूनिट बदलती है। CNG आम तौर पर प्रति किलोमीटर पेट्रोल से काफ़ी सस्ती पड़ती है।

साथ चल रहे लोगों में ईंधन का ख़र्च बाँटने का सही तरीक़ा क्या है?

कुल ख़र्च को सफ़र कर रहे सब लोगों में बाँट दीजिए, चलाने वाले को मिलाकर - यह पन्ना यही करता है। कुछ लोग गाड़ी की टूट-फूट के लिहाज़ से चलाने वाले को छोड़ देते हैं। यह तय पहुँचने पर नहीं, निकलने से पहले कर लीजिए।

क्या इसमें टोल भी शामिल है?

यह पन्ना सिर्फ़ ईंधन का हिसाब रखता है। भारत में लंबे हाइवे सफ़र पर टोल अच्छी-ख़ासी रकम जोड़ देता है, इसलिए अपना रास्ता NHAI के टोल कैलकुलेटर पर देखकर उसे अलग से जोड़ लीजिए।

गाड़ी और ट्रेन का ख़र्च कैसे मिलाकर देखूँ?

यहाँ का प्रति किलोमीटर ख़र्च लीजिए, फिर उसमें टोल और पार्किंग जोड़िए। अकेला ईंधन गाड़ी को सस्ता दिखाता है, क्योंकि टायर, सर्विसिंग और गाड़ी की घटती क़ीमत भी असली पैसा है। मोटा-मोटी पूरा आँकड़ा ईंधन ख़र्च में 40% से 60% और जोड़कर बनता है।

शहर में मेरा माइलेज क्यों गिर जाता है?

रुक-रुककर चलने वाली भीड़ में ईंधन जलता रहता है और गाड़ी बढ़ती नहीं, और खड़ी गाड़ी का माइलेज शून्य होता है। हाइवे पर 20 किमी प्रति लीटर वाली कार शहर में अक्सर 12 से 14 देती है, इसलिए लंबे सफ़र के दोनों हिस्सों के लिए अलग-अलग आँकड़े भरिए।