CGPA को प्रतिशत में और प्रतिशत को CGPA में बदलिए, CBSE के 9.5 गुणक, सीधे 10, VTU के फ़ॉर्मूले या अपने विश्वविद्यालय के गुणक से। साथ में यह भी कि तरीक़े कितना अलग पड़ते हैं।
CBSE 9.5 से ही क्यों गुणा करता है?
CBSE ने यह पाँच साल के नतीजों में 91 से 100 के बीच अंक पाने वाले छात्रों के औसत अंकों से निकाला था। यह दसवीं के 10 अंक वाले CGPA पर लागू होता है। यह बोर्ड की अपनी परंपरा है, कोई सर्वमान्य नियम नहीं, इसलिए विश्वविद्यालय के CGPA को इससे तब तक न बदलिए जब तक विश्वविद्यालय ख़ुद ऐसा न कहे।
मुझे कौन सा तरीक़ा लेना चाहिए?
वही जो आपके अपने विश्वविद्यालय की पुस्तिका में या आपके ग्रेड कार्ड के पीछे छपा है। वहाँ न लिखा हो तो परीक्षा कार्यालय से पूछ लीजिए। कोई तरीक़ा सिर्फ़ इसलिए चुनना कि वह बेहतर आँकड़ा देता है, आवेदन ख़ारिज करवाने का सबसे तेज़ रास्ता है।
प्रतिशत को वापस CGPA में कैसे बदलूँ?
गुणा की जगह भाग दीजिए। CBSE में CGPA = प्रतिशत / 9.5, इसलिए 77.9% का 8.2 बनता है। VTU के फ़ॉर्मूले में CGPA = प्रतिशत / 10 + 0.75। ऊपर तरीक़ा बदल दीजिए और यह पन्ना ख़ुद कर देता है।
SGPA और CGPA में क्या फ़र्क़ है?
SGPA एक सेमेस्टर का होता है। CGPA अब तक के हर सेमेस्टर का भारित औसत होता है, जिसमें हर सेमेस्टर को उसके क्रेडिट के हिसाब से भार मिलता है। जब कोई आवेदन आपका कुल स्कोर माँगे तो किसी एक SGPA को नहीं, CGPA को बदलिए।
क्या नियोक्ता मेरा बदला हुआ प्रतिशत मान लेगा?
आम तौर पर सबूत के साथ ही। कई नियोक्ता और लगभग हर विदेशी विश्वविद्यालय आपके संस्थान से जारी हुआ रूपांतरण प्रमाणपत्र माँगते हैं। इस पन्ने से अपनी स्थिति जान लीजिए, और कुछ भी जमा करने से पहले वह आधिकारिक काग़ज़ ले लीजिए।
क्या यह 4 अंक वाले GPA पर चलता है?
पैमाना 4 कर दीजिए और अपना गुणक भरिए। 4 अंक से प्रतिशत में बदलने का भी कोई एक सर्वमान्य तरीक़ा नहीं है, और अमेरिकी संस्थान आम तौर पर सीधे गुणा के बजाय WES या वैसा ही कोई प्रमाण-मूल्यांकन माँगते हैं।